नई दिल्ली :टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले साल में अमेरिका की आर्थिक विकास दर को दोगुना कर सकता है, जिससे यह लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो जाएगी।मस्क ने X पर कहा, “मेरा अनुमान है कि AI अगले साल US की GDP ग्रोथ को लगभग 2% से बढ़ाकर लगभग 4% कर देगा।” “शायद इससे भी ज़्यादा।”ब्रोकरेज फर्म ‘डोलट कैपिटल’ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश का दायरा अपनी पहली बड़ी मैक्रो-इकोनॉमिक परीक्षा का सामना कर रहा है।ब्रोकरेज ने कहा कि मौजूदा AI निवेश चक्र पहले के टेक्नोलॉजी चक्रों से अलग है, क्योंकि बड़ी हाइपरस्केलर कंपनियां शेयरधारकों को कैश लौटाने पर केंद्रित ‘एसेट-लाइट’ बिजनेस मॉडल से हटकर बड़े पैमाने पर कैपिटल खर्च (पूंजीगत व्यय) की ओर बढ़ गई हैं।ये कंपनियां इंटरनल कैश फ्लो, कर्ज और इक्विटी के मिश्रण से AI निवेश के लिए फंड जुटा रही हैं।रिपोर्ट में कहा गया है, “इसलिए AI का कैपिटल खर्च (capex) चक्र अपनी पहली महत्वपूर्ण मैक्रो परीक्षा में प्रवेश कर रहा है, जिसमें सेंट्रल बैंक का सख्त रुख निवेश चक्र के लिए फंडिंग की चुनौती को बढ़ा रहा है, जबकि इस चक्र में पहले से ही भारी पूंजी की आवश्यकता है।”
रिपोर्ट के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी सरकार द्वारा भारी कर्ज लेने, जापान में पॉलिसी नॉर्मलाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर व डिफेंस पर बढ़ते खर्च के बीच हो रही है। ये कारक ग्लोबल स्तर पर पूंजी की लागत (cost of capital) पर दबाव बढ़ा रहे हैं।
ब्रोकरेज ने कहा कि AI निवेश चक्र के लिए मॉनेटाइजेशन (कमाई का जरिया बनाना) सबसे बड़ी अनसुलझी समस्या बनी हुई है।टोकन की घटती लागत, मॉडल की बेहतर होती क्षमता, तेजी से होते तकनीकी बदलाव और लगातार आने वाले AI मॉडलों से कमाई करने के लिए उपलब्ध सीमित समय ने इस बात पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या निवेश की जा रही भारी पूंजी को सही ठहराने के लिए रेवेन्यू (राजस्व) उतनी तेजी से बढ़ेगा।इसमें कहा गया है, “मुख्य जोखिम AI की मांग नहीं है, बल्कि यह है कि क्या अतिरिक्त निवेश खर्च की मौजूदा गति को बनाए रखने के लिए पर्याप्त रिटर्न देना जारी रखेगा।”डोलट कैपिटल ने AI कंपनियों के लीडर्स की हालिया उन मांगों की ओर भी इशारा किया जिनमें फ्रंटियर-मॉडल के विकास की गति को थोड़ा धीमा और संतुलित रखने की बात कही गई है। इसने कहा कि इससे AI निवेश से रिटर्न मिलने में लगने वाला समय बढ़ सकता है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च अधिक बना हुआ है। ब्रोकरेज ने कहा कि AI इन्वेस्टमेंट साइकल का भविष्य मुख्य रूप से US के 10-साल के ट्रेजरी यील्ड, फेडरल रिजर्व के बयानों और ब्याज दरें बढ़ाने के दौर की अवधि पर निर्भर करेगा।रिपोर्ट में US ट्रेजरी मार्केट में सप्लाई-डिमांड से जुड़ी चुनौती का भी ज़िक्र किया गया है, क्योंकि 8 ट्रिलियन डॉलर की ट्रेजरी के लिए रीफाइनेंसिंग की ज़रूरत है।
इसमें यह भी कहा गया है कि बॉन्ड यील्ड में हालिया बढ़ोतरी में असल ब्याज दर (रियल-रेट) का बड़ा हिस्सा दिखता है, जिससे संकेत मिलता है कि लंबे समय के लिए कर्ज लेने की लागत पर दबाव बना रह सकता है।ब्रोकरेज के अनुसार, ग्लोबल इक्विटी के लिए ज़्यादा यील्ड, कम लिक्विडिटी और AI से कमाई (मॉनेटाइजेशन) को लेकर अनिश्चितता का मिला-जुला असर मुश्किल हालात पैदा कर सकता है।रिपोर्ट में कहा गया है, “AI मोमेंटम का अगला चरण हाइपरस्केलर की गाइडेंस, AI से कमाई की रफ़्तार और यील्ड की दिशा से तय होगा।”
